श्रीबांकेबिहारी मंदिर में 29 मार्च से फूल बंगले विराजेंगे आराध्य
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में 29 मार्च से फूल बंगले विराजेंगे आराध्य
- शुल्क 15 हजार से बढ़ाकर 1.51 लाख रुपये,
- अधिक मास के कारण 137 दिन तक होंगे दर्शन
वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध Shri Banke Bihari Temple में ग्रीष्मकालीन परंपराओं के तहत 29 मार्च से ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के फूल बंगला सजने शुरू हो जाएंगे। इस वर्ष अधिक मास पड़ने के कारण फूल बंगला दर्शन की अवधि भी बढ़ गई है, जिससे श्रद्धालुओं को एक माह अतिरिक्त समय तक इस विशेष सेवा के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। वहीं मंदिर प्रशासन द्वारा फूल बंगला सजाने के शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपये कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी कर मुख्य द्वारों पर चस्पा कर दिया गया है, जिससे सेवा कराने के इच्छुक भक्तों को नई व्यवस्था की जानकारी मिल सके।
कामदा एकादशी से होगी शुरुआत
मंदिर परंपरा के अनुसार इस वर्ष 29 मार्च को के पावन अवसर पर पहला फूल बंगला सजाया जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन अलग-अलग भक्तों की ओर से ठाकुरजी का फूल बंगला सजाया जाएगा। अधिक मास के कारण इस बार यह सेवा लगातार 137 दिनों तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन फूल बंगला सेवा का समापन 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के दिन होगा। मंदिर के सेवायत एवं श्रीबांकेबिहारी हाईपावर्ड प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश गोस्वामी के अनुसार सामान्य वर्षों में यह सेवा लगभग 108 दिनों तक चलती है, लेकिन इस बार अधिक मास होने के कारण 30 दिन अतिरिक्त जुड़ गए हैं।
ठाकुरजी को शीतलता देने की प्राचीन परंपरा
ब्रज की सेवा परंपराओं में फूल बंगला का विशेष महत्व है। भीषण गर्मी के मौसम में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से मंदिर के जगमोहन में सुगंधित एवं शीतल पुष्पों से आकर्षक बंगले तैयार किए जाते हैं। इन बंगलों में गुलाब, मोगरा, बेला, रजनीगंधा सहित कई प्रकार के सुगंधित फूलों का उपयोग किया जाता है।
फूलों की प्राकृतिक सुगंध और वातावरण की शीतलता के बीच ठाकुरजी के दर्शन करना भक्तों के लिए अत्यंत विशेष आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस सेवा को कराने के लिए अग्रिम बुकिंग कराते हैं।
दस गुना बढ़ाया गया शुल्क
मंदिर प्रबंधन द्वारा इस बार फूल बंगला सेवा शुल्क में बड़ा इजाफा किया गया है। पहले जहां यह शुल्क 15 हजार रुपये था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1,51,000 रुपये कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार यह राशि मंदिर सेवायत के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे मंदिर के प्रबंध कार्यालय में जमा करानी होगी। भुगतान के बाद मंदिर कार्यालय द्वारा आधिकारिक रसीद जारी की जाएगी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
दर्शन व्यवस्था में भी किए गए बदलाव
फूल बंगला सजाने के दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ बदलाव भी किए गए हैं। मंदिर चौक में बंगला सजाने के समय अस्थायी रूप से रेलिंग हटाई जाएगी ताकि सजावट का कार्य व्यवस्थित तरीके से हो सके। सजावट पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं के सुरक्षित दर्शन के लिए पुनः रेलिंग लगा दी जाएगी। भक्तों को निर्धारित मार्ग और रेलिंग के बीच से ही फूल बंगला के दर्शन करने होंगे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे भीड़ प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।
श्रद्धालुओं में उत्साह
फूल बंगला सेवा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। अधिक मास के कारण दर्शन अवधि बढ़ने से दूर-दराज से आने वाले भक्तों को भी अधिक अवसर मिलेंगे। वृंदावन आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह सेवा विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
परंपरा और आधुनिक प्रबंधन का समन्वय
मंदिर की हाईपावर्ड प्रबंध समिति का प्रयास है कि प्राचीन सेवा परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए व्यवस्थाओं को आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जाए। इसी क्रम में शुल्क जमा करने की प्रक्रिया, रसीद व्यवस्था और दर्शन प्रबंधन में बदलाव किए गए हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और भक्तों के लिए सुविधाजनक बनाना है।



