अभिनेता विवेक ओबेरॉय फोटो - सोशल मीडिया
अभिनेता विवेक ओबेरॉय पर भड़के वृंदावन के समाजसेवी, लगाया तीर्थनगरी को बदनाम करने की साजिश का आरोप
सोशल मीडिया वीडियो पर विवाद: विवेक ओबेरॉय के एक पुराने अनुभव वाले वीडियो पर वृंदावन में तीखी प्रतिक्रिया।
एनजीओ चमकाने का आरोप: समाजसेवी कपिलदेव उपाध्याय का दावा– अपनी एनजीओ को हाईलाइट करने के लिए फैलाई जा रही भ्रामक बातें।
20 साल बाद क्यों आई याद?: "अगर कोई घटना देखी थी तो पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया, अब आर्थिक लाभ के लिए रचा जा रहा स्वांग।"
वृंदावन। बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय इन दिनों अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। वृंदावन के प्रमुख समाजसेवी कपिलदेव उपाध्याय ने अभिनेता पर अपनी एनजीओ को चमकाने और आर्थिक लाभ कमाने के लिए पावन तीर्थनगरी वृंदावन की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से गरमाया माहौल
यह पूरा विवाद विवेक ओबेरॉय के एक वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शुरू हुआ। वीडियो में अभिनेता यह कहते नजर आ रहे हैं कि जब वे वृंदावन घूमने आए थे, तब उन्हें किसी व्यक्ति ने वहां बच्चियों के शोषण की जानकारी दी थी। अभिनेता के मुताबिक, जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो वहां 13 वर्ष तक की बच्चियां बदहाल स्थिति में पाई गईं।
"एनजीओ चमकाने और आर्थिक लाभ लेने का है खेल"
इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताते हुए समाजसेवी कपिलदेव उपाध्याय ने कहा कि वृंदावन धर्म और आस्था का केंद्र है और यहां इस तरह की कोई भी अनैतिक गतिविधि नहीं होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विवेक ओबेरॉय अपनी संस्था (NGO) को हाईलाइट करने और दुनिया भर से फंडिंग या आर्थिक लाभ बटोरने के लिए वृंदावन के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
20 साल बाद याद आने पर उठाए सवाल
कपिलदेव उपाध्याय ने अभिनेता की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर विवेक ओबेरॉय ने ऐसी कोई घटना अपनी आंखों से देखी थी, तो उन्होंने उसी समय स्थानीय पुलिस या प्रशासन से संपर्क क्यों नहीं किया? आज 20 साल बीत जाने के बाद अचानक उन्हें इस बात की याद क्यों आ रही है?"* उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी नामचीन हस्ती ने चर्चा में आने या निजी स्वार्थ के लिए वृंदावन के बारे में इस तरह की भ्रामक और नकारात्मक जानकारी फैलाई हो। ऐसे लोग केवल अपने फायदे के लिए पवित्र नगरी को बदनाम करने की साजिश रचते हैं, जिसे यहां की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।



