वृंदावन के केसी घाट के समीप बना पांटून पुल।
वृंदावन: केसी घाट नाव हादसे के डेढ़ महीने बाद पांटून पुल बहाल, मांट की दूरी 12 से घटकर रह गई 5 किमी
- लोक निर्माण विभाग ने महज 5 दिनों में तैयार किया पुल, आवागमन शुरू
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पुल के दोनों ओर की गई तारकशी, लाल झंडियों से नाविकों को किया सचेत
- पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए सफर रहेगा पूरी तरह निशुल्क
वृंदावन। यमुना नदी के केसी घाट पर हुए दर्दनाक नाव हादसे के डेढ़ महीने बाद आखिरकार स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने युद्धस्तर पर काम करते हुए महज पांच दिनों के भीतर दोबारा पांटून (पीपा) पुल बनाकर तैयार कर दिया है। इस पुल के शुरू होने से वृंदावन और मांट के बीच का सफर बेहद आसान हो गया है। अब दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी 12 किलोमीटर से घटकर केवल 5 किलोमीटर रह गई है। पुल पर पैदल यात्रियों और वाहनों का निशुल्क आवागमन सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।
कैसे हुआ था हादसा?
गौरतलब है कि यमुना के केसी घाट के समीप ड्रेजिंग (नदी की सफाई) का कार्य चल रहा था। कार्यदायी संस्था द्वारा मशीन निकालने के लिए जब पांटून पुल को हटाकर दोबारा जोड़ा जा रहा था, तभी पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पुल से टकराकर नदी में पलट गई थी। 10 अप्रैल को हुए इस भीषण हादसे में 16 यात्रियों की असमय मौत हो गई थी। इस संवेदनशील घटना के बाद से ही पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद था।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हादसे से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। विभाग ने पुल के दोनों ओर मजबूत तारकशी (बाड़बंदी) कराई है। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों किनारों पर लाल रंग की झंडियां लगाई गई हैं, ताकि दूर से ही खतरा भांपा जा सके। सभी स्थानीय नाविकों को सख्त हिदायत देते हुए पुल के समीप नाव न लाने के लिए सचेत किया गया है।
15 जून तक ही रहेगा पुल
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता (AE) जेपी सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए वृंदावन-मांट मार्ग को जोड़ने वाले इस पांटून पुल को दोबारा चालू कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के तहत यह पुल सितंबर से 15 जून तक के लिए ही निर्धारित है। आगामी मानसून, भारी बारिश और यमुना का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा कारणों से इस पुल को समय से पहले भी हटाया जा सकता है। फिलहाल, पुल चालू होने से स्थानीय व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले राहगीरों ने राहत की सांस ली है।



