वृंदावनः श्रीबांकेबिहारी मंदिर की मुख्य गली में लगी भीड़।
वृंदावन: हाईपावर्ड कमेटी के गठन के 9 महीने बाद भी श्रीबांकेबिहारी मंदिर में अव्यवस्था, भीषण गर्मी में परेशान हो रहे श्रद्धालु
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्थाओं में सुधार के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। श्रीबांकेबिहारी हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के गठन को नौ माह बीत जाने के बाद भी धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं। आस्था लेकर देश-विदेश से आ रहे लाखों श्रद्धालुओं को मंदिर के पहुंच मार्ग पर न तो पीने का पानी मिल पा रहा है और न ही शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। आलम यह है कि नौतपा की भीषण और तपती गर्मी में भीड़ प्रबंधन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है और श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन के लिए धक्का खाने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने अगस्त 2025 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त मंदिर प्रबंधन समिति का गठन किया था। इस समिति का मुख्य कार्य श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन में सुधार करना और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाना था। लेकिन नौ महीने बीतने के बाद भी स्थितियां बदतर बनी हुई हैं। मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर अवैध अतिक्रमण के कारण गलियां और अधिक संकरी हो गई हैं, जिससे हर समय जाम के हालात बने रहते हैं। मंदिर के भीतर नई रेलिंग व्यवस्था लागू होने के बावजूद श्रद्धालुओं का ठहराव अधिक समय तक हो रहा है, जिससे तपती गर्मी में भक्तों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
इस अव्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए नगर के महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल ने कहा कि ठाकुरजी की सेवा एवं पारंपरिक मर्यादा का ध्यान रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर और उसके आसपास इस कदर अव्यवस्था का माहौल है कि स्थानीय भक्तजन अब भीड़ और कुप्रबंधन के डर से दर्शन करने भी नहीं जा पा रहे हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों पर सफाई देते हुए श्रीबांकेबिहारी हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि कमेटी श्रद्धालुओं के हित में लगातार बेहतर कार्य कर रही है और व्यवस्थाओं में जो भी कमियां रह गई हैं, उन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
गोस्वामी समाज में हर्ष, सेवा पद्धति में हस्तक्षेप रोकने का दावा
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी में शामिल तीन सेवायत गोस्वामियों में बदलाव किए जाने के बाद गोस्वामी समाज के एक पक्ष में भारी हर्ष देखा जा रहा है। कमेटी में शामिल हुए नए सेवायत गोस्वामियों ने सुप्रीम कोर्ट से लौटकर सबसे पहले अपने आराध्य ठाकुरजी को मिठाई का भोग लगाया और मंदिर परिसर में प्रसाद वितरित कर खुशी जाहिर की।
दिल्ली से लौटने के बाद कमेटी के नवनियुक्त सदस्य और मंदिर के सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि उनका मुख्य प्रयास यह रहेगा कि हाई पावर्ड प्रबंधन कमेटी द्वारा ठाकुरजी की पारंपरिक सेवा-पूजा पद्धति में जो भी हस्तक्षेप किया जा रहा है, उसे तुरंत रोका जाए। उन्होंने घोषणा की कि कमेटी द्वारा ठाकुरजी के देहरी पूजन पर जो रोक लगाई गई थी, उसे जल्द ही हटाकर बहाल किया जाएगा। इसके साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ठाकुरजी की सेवा पद्धति में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होने दिया जाएगा। कमेटी द्वारा जो समय बढ़ाया गया था, उसे भी पूर्ववत निर्धारित करने का प्रयास होगा ताकि ठाकुरजी को कोई कष्ट न हो और भक्तों को भी बेहतर ढंग से दर्शन लाभ मिल सके।



